किसान आंदोलन: करौली महापंचायत में टिकैत ने हजारों किसानों के बीच कहा- अब गोदाम तोड़े जाएंगे

डिजिटल डेस्क, करौली। कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े किसान 92 दिन से लगातार दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। अब तक सरकार के साथ 11 दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही। इस बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत गुरुवार को राजस्थान के करौली जिले में आयोजित महापंचायत में पहुंचे। इस दौरान टिकैत ने यहां भी 40 लाख ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली कूच की बात कही। इसके साथ यह भी कहा कि अगला टारगेट अनाज के गोदाम हैं। गोदाम तोड़े जायेंगे। या तो सरकार इनका अधिग्रहण कर ले नहीं तो व्यापारियों के गोदाम टूटेंगे।

टोडाभीम के करीरी गांव में नये कृषि कानूनों के विरोध और किसान आंदोलन के समर्थन में आयोजित इस महापंचायत टिकैत के साथ महापंचायत में योगेंद्र यादव और जाट नेता राजाराम मील ने भी किसानों को संबोधित किया। 

सरकार पर किसानों की अनदेखी के आरोप लगाए
सभा को संबोधित करते हुए टिकैत ने सरकार पर किसानों की अनदेखी के आरोप लगाए। राकेश टिकैत ने तीनों कृषि कानून वापस लेने एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य तय नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की भी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को हाली और पाली ही चलाएंगे। उन्होंने कहा कि 24 मार्च तक विभिन्न स्थानों पर सभाओं के संबोधन का कार्यक्रम है। इसके बाद असम, कर्नाटक एवं अन्य राज्यों में भी जाएंगे और आंदोलन चलाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे किसी भी राजनीतिक दल का कोई वास्ता नहीं। 

हर घर से एक सदस्य को दिल्ली भेजने की अपील
टिकैत ने लंबे समय तक चलने वाले आंदोलन के लिए तैयार रहने एवं दिल्ली कूंच की घोषणा पर ट्रैक्टर लेकर आने की भी अपील की। इस दौरान योगेंद्र यादव ने सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य वापसी की मांग की। साथ ही सभा मे मौजूद लोगों से शाहजहां बोर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में प्रत्येक घर से एक सदस्य को भेजने की भी अपील की।


 



.Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News.
.
...
Peasant Movement: Tikait in Karauli Mahapanchayat
.
.
.


source https://www.bhaskarhindi.com/national/news/peasant-movement-tikait-in-karauli-mahapanchayat-220062

Comments

Popular posts from this blog

Coronavirus in India: कोरोना ने बढ़ाई टेंशन, 24 घंटे में मिले 39 हजार मरीज, महाराष्ट्र की स्थिति सबसे खराब