वायु प्रदूषण को कम करने के लिए जिला प्रशासन ने की तैयारी, सबसे ज्यादा पॉल्यूशन फैलाने वाले औद्योगिक क्षेत्रों की पहचान की

वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए समय रहते गुड़गांव में कार्य योजना तैयार कर ली गई है। इस कार्य योजना को सभी संबंधित विभागों तथा एजेंसियों के साथ तालमेल करके लागू किया जाएगा। पिछले एक साल में गुड़गांव में दो नए प्रदूषण मापक यंत्र लगाए गए हैं। साथ ही सबसे अधिक प्रदूषण के हॉटस्पॉट की भी पहचान की गई। जिन पर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड हरियाणा के अधिकारी नजर रखेंगे। डीसी अमित खत्री ने कहा कि अक्टूबर से फरवरी के बीच बढ़ने पॉल्यूशन को कम करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों के अधिकारियों को जिम्मेवारी सौंपी जाएगी।

डीसी अमित खत्री ने कहा है कि पॉल्यूशन को कम करने के लिए समय रहते सभी संबंधित विभागों तथा एजेंसियों को बेहत्तर तालमेल के साथ काम करते हुए प्रदूषण के कारणों पर प्रभावी ढंग से रोकथाम करने की हिदायत दी गई है। अब जिला में प्रदूषण मापक यंत्रों की संख्या भी बढ़ाई गई है। पहले जहां गुड़गांव जिला में विकास सदन तथा मानेसर में केवल दो स्थानों पर प्रदूषण मापक यंत्र लगे हुए थे, अब उनकी संख्या बढ़ाकर 4 कर दी गई है। गुड़गांव के सेक्टर 51 स्थित गुरुग्राम विश्वविद्यालय तथा फरीदाबाद-गुड़गांव रोड पर टैरी परिसर में दो नए यंत्र लगाए गए हैं। इसके अलावा गुड़गांव नगर निगम तथा हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्थानीय कार्यालय चैकिंग के लिए टीमों का गठन किया जाएगा। ये टीमें कचरा जलाने तथा प्रदूषण फैलाने के अन्य कारणों पर रोक लगाएंगी।

प्रदूषण फैलाने वाली श्रेणी में रखे गए उद्योगों को ऑनलाइन मॉनिटर किया जाएगा

हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि जिला में वायु प्रदूषण के संभावित हॉटस्पॉट की पहचान कर ली गई है और चैकिंग में उन क्षेत्रों में ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि औद्योगिक वायु प्रदूषण के लिए गुड़गांव में उद्योग विहार फेस-1 से 5 तक, सैक्टर 18 का जिला उद्योग केंद्र, सैक्टर-37 का औद्योगिक क्षेत्र, आईएमटी मानेसर, बहरामपुर, बेगमपुर खटौला तथा औद्योगिक क्षेत्रों से बाहर लगी ईकाइयों पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें नजर रखेंगी।

कहीं भी प्रदूषण के लिहाज से एमीशन स्टैंडर्ड अर्थात् उत्सर्जन मानक का उल्लंघन पाया जाएगा तो उस ईकाई के खिलाफ कानून के अनुसार कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदूषण फैलाने वाली श्रेणी में रखे गए उद्योगों को ऑनलाइन मॉनिटर किया जाएगा, इसके लिए उन्हें हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट के साथ जोड़ा जाएगा।

इन विभागों को भी सौंपी गई है जिम्मेवारी

कार्य योजना के तहत सड़कों की सफाई मशीनों से करवाने का अंतराल घटाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर सड़क किनारे मिट्टी ना उड़े इसके लिए पानी का छिड़काव किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी एनएचएआई, जीएमडीए, नगर निगम, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी, डीटीपी तथा हरियाणा राज्य सड़क विकास निगम को दी गई है।

वाहनों के प्रदूषण प्रमाण पत्रों की होगी जांच

प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में वाहनों के प्रदूषण स्तर पर नजर रखने का दायित्व ट्रैफिक पुलिस को दिया गया है। ट्रैफिक पुलिस वाहनों के प्रदूषण प्रमाण पत्र चौक करेगी, इसके लिए मुख्य रूप से 18 स्थान चिन्ह्ति किए गए हैं। इनमें दिल्ली-गुड़गांव बोर्डर, इफको चौक, राजीव चौक, सोहना रोड, सुभाष चौक, वाटिका चौक, हीरो होंडा चौक, कैप्टन उमंग भारद्वाज चौक सैक्टर 10, सोहना चौक, टोल प्लाजा खेड़की दौला, टोल प्लाजा गुड़गांव-फरीदाबाद रोड, द्वारका एक्सप्रेस वे, हुडा सिटी सैंटर, हैमिल्टन कोर्ट डीएलएफ फेज-4, गुड़गांव का मुख्य बस अड्डा, पटौदी रोड़ चैराहा, रामपुरा फ्लाईओवर तथा बिलासपुर चौक शामिल हैं। इन स्थानों पर चैकिंग के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाएगा। यही नहीं, कमांड एण्ड कंट्रोल सैंटर से भी 24 घंटे वाहनों की मॉनिटरिंग होगी। यदि कोई चालक टैªफिक नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसका चालान किया जाएगा।



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गुड़गांव. सेक्टर-67 में प्रदूषण की स्थिति।


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